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🌞 मकर संक्रांति (उत्तरायण) 2026 के बारे में अद्भुत और रोचक तथ्य
Amazing Facts About Makar Sankranti (Uttarayan) 2026 in Hindi
मकर संक्रांति भारत के उन गिने-चुने त्योहारों में से एक है, जो धार्मिक, वैज्ञानिक, खगोलीय और सामाजिक सभी दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी और इसी दिन से सूर्य की उत्तरायण यात्रा प्रारंभ होगी।
आइए जानते हैं मकर संक्रांति (उत्तरायण) 2026 से जुड़े कुछ अद्भुत, रोचक और कम ज्ञात तथ्य, जो इस पर्व को और भी विशेष बनाते हैं।
🌞 1. मकर संक्रांति – एकमात्र सूर्य आधारित पर्व
भारत के अधिकांश त्योहार चंद्र कैलेंडर पर आधारित होते हैं, लेकिन मकर संक्रांति पूरी तरह सूर्य पर आधारित है।
👉 इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं
👉 इसी कारण हर साल यह पर्व लगभग 14 जनवरी को ही आता है
2026 में मकर संक्रांति: 14 जनवरी (बुधवार)
🧭 2. उत्तरायण का आरंभ – सकारात्मक ऊर्जा का समय
मकर संक्रांति से सूर्य की गति दक्षिणायण से उत्तरायण हो जाती है।
उत्तरायण का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व:
- दिन बड़े होने लगते हैं
- सूर्य की किरणें अधिक लाभकारी होती हैं
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है
- इसे देवताओं का दिन कहा गया है
👉 भगवद्गीता में भी उत्तरायण काल को मोक्षदायक बताया गया है
🪁 3. गुजरात में उत्तरायण = पतंग उत्सव
गुजरात में मकर संक्रांति को उत्तरायण पर्व कहा जाता है और यह केवल त्योहार नहीं, बल्कि राज्य स्तरीय उत्सव है।
अद्भुत तथ्य:
- अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव
- देश-विदेश से पतंगबाज आते हैं
- आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है
👉 2026 में भी अहमदाबाद और सूरत में विशाल उत्तरायण उत्सव देखने को मिलेगा
🍯 4. तिल-गुड़ खाने का वैज्ञानिक रहस्य
मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ खाने की परंपरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है।
तिल-गुड़ के फायदे:
- शरीर को गर्मी प्रदान करता है
- सर्दियों में जोड़ दर्द से राहत
- पाचन शक्ति बढ़ाता है
- त्वचा और बालों के लिए लाभकारी
👉 “तिलगुल घ्या, गोड गोड बोला” केवल कहावत नहीं, जीवन दर्शन है
🛕 5. मकर संक्रांति और गंगा स्नान का महत्व
इस दिन गंगा, यमुना, गोदावरी, नर्मदा आदि पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है।
मान्यता:
- पापों का नाश
- पुण्य की प्राप्ति
- आत्मिक शुद्धि
👉 प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में 2026 में भी विशेष स्नान आयोजन होंगे
🔥 6. मकर संक्रांति और दान का विशेष महत्व
इस दिन दान करने से हजार गुना पुण्य प्राप्त होता है।
क्या दान करें?
- तिल
- गुड़
- कंबल
- अनाज
- वस्त्र
👉 मकर संक्रांति को दान महापर्व भी कहा जाता है
🌾 7. किसान और फसल उत्सव का पर्व
मकर संक्रांति भारत का एक प्रमुख कृषि उत्सव भी है।
विभिन्न राज्यों में नाम:
- पंजाब: लोहड़ी
- तमिलनाडु: पोंगल
- असम: भोगाली बिहू
- कर्नाटक: मकर संक्रामण
👉 यह नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति आभार का पर्व है
🧘 8. स्वास्थ्य के लिए क्यों श्रेष्ठ है मकर संक्रांति?
आयुर्वेद के अनुसार मकर संक्रांति से शरीर में कफ दोष कम होता है।
स्वास्थ्य लाभ:
- जोड़ों के दर्द में राहत
- इम्युनिटी में सुधार
- मानसिक सकारात्मकता
- सूर्य प्रकाश से विटामिन-D प्राप्ति
👉 योग और सूर्य नमस्कार की शुरुआत के लिए उत्तम समय
🔱 9. भीष्म पितामह और उत्तरायण का रहस्य
महाभारत के अनुसार भीष्म पितामह ने उत्तरायण काल में ही देह त्याग किया, क्योंकि इसे मोक्षदायक माना जाता है।
👉 यह दर्शाता है कि उत्तरायण केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि आध्यात्मिक महत्व भी रखती है
🕉️ 10. मकर संक्रांति 2026 – क्यों है विशेष?
✔ बुधवार का दिन
✔ सूर्य का शुभ गोचर
✔ स्वास्थ्य, सकारात्मकता और नई शुरुआत का संकेत
✔ दान, तप और सेवा का श्रेष्ठ अवसर
🌞 निष्कर्ष: मकर संक्रांति (उत्तरायण) 2026 के बारे में अद्भुत और रोचक तथ्य
मकर संक्रांति (उत्तरायण) 2026 केवल एक पर्व नहीं, बल्कि
👉 प्रकृति, विज्ञान, स्वास्थ्य और आध्यात्म का संगम है।
यह हमें सिखाता है:
- अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ना
- नकारात्मकता छोड़ सकारात्मकता अपनाना
- प्रकृति और समाज के प्रति कृतज्ञ रहना
✨ इस मकर संक्रांति 2026 पर सूर्य की तरह अपने जीवन में भी ऊर्जा, स्वास्थ्य और उजाला भरें।